Peepal ya Ekant Sthal (guru ke saath) - An Overview

ऐसा करके वे माता से शांति की प्रार्थना कर सकते हैं.

त्रिपुर सुंदरी : श्री ह्रीं क्लीं ऐं सौ: ॐ ह्रीं क्रीं कए इल ह्रीं सकल ह्रीं सौ: ऐं क्लीं ह्रीं श्रीं नम:।

पूर्ण विधि के अनुसार शुभ मुहूर्त में कलश को स्थापित करें। 

यह समय आत्मज्ञान और ईश्वर के करीब जाने का अवसर प्रदान करता है।

काली : ऊँ क्रीं क्रीं क्रीं ह्रीं ह्रीं ह्रीं हूं हूं दक्षिण कालिके क्रीं क्रीं क्रीं ह्रीं ह्रीं ह्रीं हूं हूं स्वाहा:।

गुप्त नवरात्रि हिंदू सनातन धर्म में अत्यंत पवित्र और आध्यात्मिक समय मानी जाती है। यह नवरात्रि विशेष रूप से गुप्त साधनाओं, तांत्रिक अनुष्ठानों, और महाविद्या की उपासना के लिए मनाई जाती है। इसे गुप्त इसलिए कहा जाता है क्योंकि इसकी साधनाएं और अनुष्ठान गुप्त रूप से किए जाते हैं। इसका मुख्य उद्देश्य आत्म-शुद्धि, शक्ति संचय और देवी के विभिन्न स्वरूपों की आराधना करना website है।

Your browser isn’t supported any more. Update it to find the finest YouTube knowledge and our most recent attributes. Find out more

नौ दिनों तक सात्विक भोजन करें और विचारों को पवित्र रखें।

* शनि-राहु की महादशा या अंतरदशा, शनि की साढ़े साती, शनि का ढइया आदि सभी से काली रक्षा करती हैं।

गुप्त नवरात्रि में करें ये साधना, जो चाहोगे वो मिलेगा

देवी की कृपा से जीवन से नकारात्मक ऊर्जाओं का नाश होता है।

मां दुर्गा की प्रतिमा को लाल रंग के वस्त्र में सजाएं।

यह भी पढ़ें: संकट मोचन है ये पौधा…घर में आए दिन होती है खटपट, बनी रहती है बीमारी?

Your browser isn’t supported anymore. Update it to get the greatest YouTube practical experience and our most current characteristics. Find out more

यह समय साधक को आत्म-चिंतन और आत्म-साक्षात्कार का अवसर देता है। ध्यान और तपस्या के माध्यम से व्यक्ति अपनी आध्यात्मिक उन्नति कर सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *